मैं सागर का मछवारा, तेरे सदा पर आऊँगा
तू मादर मेरी, तेरी हवाओं के गीत गाऊँगा
तुझी से हर बरकत है, और तुझ ही में ख़ात्मा
तेरे लहरों का बच्चा हूँ, इन्हीं में घुल जाऊँगा
میں ساگر کا مچھوارا ، تیرے سدہ پر آؤنگا
تو مادر میری ، تیرے ہواؤں کے گیت گاؤنگا
تجھی سے ہر برکت ، اور تجھ ہی میں ہے خآتمہ
تیرے لہروں کا بچّہ ھوں ، ینہیں میں گھل جاؤنگآ
Wednesday 11 November 2009
आप मुस्कुराकर / آپ مسکر
आप मुस्कुराकर मेरी साँसों को मत रोकियेगा
धड़कन तेज़ हो जाती है, इस तरफ़ मत देखियेगा
आपकी रौनक़ देखकर, यह चश्म कुछ और ना देख पाएँगे
पर मेरी ख़ुदग़र्ज़ी मानकर, परदा मत कीजियेगा
آپ مسکراکر میری سانسوں کو مت روکیےگا
دھڈڑکن تیز ھو جاتی ہے ، اس طرف مت دیخیےگا
آپکی رونق دیکھکر ، یہ چشم کچھ اور نا دیکھ پایےنگے
پر میری خود غرضی مانکر ، پردہ مت کیجیےگآ
धड़कन तेज़ हो जाती है, इस तरफ़ मत देखियेगा
आपकी रौनक़ देखकर, यह चश्म कुछ और ना देख पाएँगे
पर मेरी ख़ुदग़र्ज़ी मानकर, परदा मत कीजियेगा
آپ مسکراکر میری سانسوں کو مت روکیےگا
دھڈڑکن تیز ھو جاتی ہے ، اس طرف مت دیخیےگا
آپکی رونق دیکھکر ، یہ چشم کچھ اور نا دیکھ پایےنگے
پر میری خود غرضی مانکر ، پردہ مت کیجیےگآ
Rose
Fifteen rupee rose
for a girl's bewitching smile.
Not a bad bargain.
OR
Fifteen rupee rose.
She gets a half-hour's pleasure.
I get a poem.
for a girl's bewitching smile.
Not a bad bargain.
OR
Fifteen rupee rose.
She gets a half-hour's pleasure.
I get a poem.
Tuesday 10 November 2009
Endings
Winter ends.
Flowers wake up.
Birds twitter.
Financial year ends.
Insurers wake up.
Hoardings glitter.
Flowers wake up.
Birds twitter.
Financial year ends.
Insurers wake up.
Hoardings glitter.
Saturday 7 November 2009
Thursday 5 November 2009
न तुमने जाना न मैंने
चमन के कोने में एक फूल मुर्झाई, न तुमने जाना न मैंने|
बनकर रह गयी महज़ एक परछाई, न तुमने जाना न मैंने||
उसकी ख़ुशबू जो मदहोश करती थी, क़तरा ब क़तरा सूखने लगी|
जलती तपती धूप में वह छटपटाई, न तुमने जाना न मैंने||
उसके रंग जिनसे महल सजते थे, फीके बेजान होने लगे हैं|
आँखों के दीदार के लिए तरसाई, न तुमने जाना न मैंने||
उसकी ताज़गी जिससे हर थकान मिट जाती थी, अब बिखरने लगी|
अब ख़ामोश है वह जो कभी इतराई, न तुमने जाना न मैंने||
वह जो किसी गुलदस्ते की शान बन सकती थी, गुमनाम बनी रही|
उसका तक़दीर - बस मुसलसल तन्हाई, न तुमने जाना न मैंने||
कोई ख़ानाबदोश उसे तोड़कर ज़मीन पर फैंककर चला गया
मालिन मलबे में डालकर चली आई, न तुमने जाना न मैंने
چمن کے کونے میں ایک پھول مرجھائ ، نا تمنے جانا نا مینے
بنکر رہ گیی محض ایک پرچھائ ، نا تمنے جانا نا مینے
اسکی خوشبو جو مدہوش کرتی تھی قطرہ بہ قطرہ سوکھنے لگی
جلتی تپتی دھوپ میں وہ چھٹپتائ ، نا تمنے جانا نا مینے
اسکے رنگ جنسے محل سجتے تھے ، پھکے بےجان ھہنے لگے ہیں
آنکھوں کے دیدار کے لیے ترسائ ، نا تمنے جانا نا مینے
اسکی تازگی جس سے ہر تھکان مٹ جاتی تھی ، اب بیکھرنے لگی
اب خاموسھ ہے وہ جو کبھی اتراٴی ، نا تمنے جانا نا مینے
وہ جو کسی گلدستے کی شان بن سکتی تھی ، گمنام بنی رہی
اسکا تقدیر بس مسلسل تنھاٴی ، نا تمنے جانا نا مینے
کوٴی خان بدوش اسے توڑکر زمین پر پھینک کر چلا گیا
مالن ملبے میں ڈالکر چلی آٴی ، نا تمنے جانا نا مینے
बनकर रह गयी महज़ एक परछाई, न तुमने जाना न मैंने||
उसकी ख़ुशबू जो मदहोश करती थी, क़तरा ब क़तरा सूखने लगी|
जलती तपती धूप में वह छटपटाई, न तुमने जाना न मैंने||
उसके रंग जिनसे महल सजते थे, फीके बेजान होने लगे हैं|
आँखों के दीदार के लिए तरसाई, न तुमने जाना न मैंने||
उसकी ताज़गी जिससे हर थकान मिट जाती थी, अब बिखरने लगी|
अब ख़ामोश है वह जो कभी इतराई, न तुमने जाना न मैंने||
वह जो किसी गुलदस्ते की शान बन सकती थी, गुमनाम बनी रही|
उसका तक़दीर - बस मुसलसल तन्हाई, न तुमने जाना न मैंने||
कोई ख़ानाबदोश उसे तोड़कर ज़मीन पर फैंककर चला गया
मालिन मलबे में डालकर चली आई, न तुमने जाना न मैंने
چمن کے کونے میں ایک پھول مرجھائ ، نا تمنے جانا نا مینے
بنکر رہ گیی محض ایک پرچھائ ، نا تمنے جانا نا مینے
اسکی خوشبو جو مدہوش کرتی تھی قطرہ بہ قطرہ سوکھنے لگی
جلتی تپتی دھوپ میں وہ چھٹپتائ ، نا تمنے جانا نا مینے
اسکے رنگ جنسے محل سجتے تھے ، پھکے بےجان ھہنے لگے ہیں
آنکھوں کے دیدار کے لیے ترسائ ، نا تمنے جانا نا مینے
اسکی تازگی جس سے ہر تھکان مٹ جاتی تھی ، اب بیکھرنے لگی
اب خاموسھ ہے وہ جو کبھی اتراٴی ، نا تمنے جانا نا مینے
وہ جو کسی گلدستے کی شان بن سکتی تھی ، گمنام بنی رہی
اسکا تقدیر بس مسلسل تنھاٴی ، نا تمنے جانا نا مینے
کوٴی خان بدوش اسے توڑکر زمین پر پھینک کر چلا گیا
مالن ملبے میں ڈالکر چلی آٴی ، نا تمنے جانا نا مینے
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